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भारत में साइबर अपराध के मामले पहले से हुए ज्यादा, जरूरत है आधुनिक सुरक्षा की



साइबर अपराध के मामले भारत में सबसे अधिक होने के आसार हैं क्योंकि भारत के पास कितने सुरक्षा की आधुनिक तकनीक नहीं है। और जहां पर हैं वहां पर भारतीय उसे यूज नहीं करते जहां तक की बैंकों की बात करें बैंकों में अभी भी सारे atm Windows XP पर चलते हैं जिसकी सिक्योरिटी अपडेट माइक्रोसॉफ्ट ने 2014 में ही बंद कर दी थी यानी कि वह अपने ATM बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है।



उन्हें हैकर कभी भी हैक कर सकते हैं। और उनसे पैसा निकाल सकते हैं और करें बैंकों की सिक्योरिटी के बाद उनके भी सरवन पूरी तरह से सुरक्षित नहीं हैं ।हाल ही में रैनसमवेयर अपने पूरे वर्ल्ड में आप सभी कंप्यूटर को हैक करके सनसनी मचा दी थी इस वक्त भी यह सवाल उठाया गया था कि क्या भारत भी इन रैनसमवेयर जैसे अटैक से बचने के लिए तैयार है या नहीं?



आईआईटी कानपुर के साइबर अपराध संबंधी अध्ययन को संसद की वित्त समिति के साथ साझा किया और उंहें यह idea दिया की साइबर संबंधी अपराधों के खतरे को टालने के लिए हमें साइबर क्राइम से रिलेटेड आयोग स्थापित करना जरूरी है। क्योंकि आज एक तरफ तो बार मोदी जी भारत को डिजिटल इंडिया बनाने का सपना देख रहे हैं और दूसरी तरफ साइबर क्राइम बढ़ते जा रहे हैं तो इससे ऐसे में हम क्या आपको लगता है कि इंडिया साइबर क्राइम से मुक्त हो पाएगा।

भारत में बैंक और सरकारी दफ्तर #TT

भारत में बैंक और सरकारी दफ्तरों में आज भी उसी पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम यानी Windows XP पर सभी कंप्यूटर चलते हैं। आज भी उनको अपग्रेड नहीं किया गया और उनकी सिक्योरिटी बिल्कुल पूरी तरह खतरे में है क्योंकि मैं पहले ही बता चुका हूं कि माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज XP के सिक्योरिटी 35 देना बंद कर दिया है। उसने साफ साफ अनाउंस कर कर दिया है कि अगर किसी भी तरह का कोई साइबर क्राइम होता है।तो वह इस चीज का कोई जिम्मेदार नहीं।Image Copyright: GOOGLE.COM

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